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Supreme Court : SIR में डॉक्यूमेंट लेने पर अब अनिवार्य होगी रसीद, सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग को सख्त आदेश

Media Yodha Desk Fri, Jan 30, 2026

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के संबंध में कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग तमिलनाडु में पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट के एसआईआर के दौरान जिन लोगों को लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी कैटेगरी में रखा गया है, उन वोटरों के डॉक्यूमेंट जमा करने के लिए कोर्ट द्वारा बताए गए तरीके को लागू करे।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले क बाद चुनाव आयोग ने कोर्ट से अनुरोध किया कि इस प्रक्रिया को उन सभी राज्यों में भी लागू किया जाए, जहां SIR हो रहा है।अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने रिकॉर्ड किया, 'हम उम्मीद करते हैं कि चुनाव आयोग इन निर्देशों का पूरे भारत में पालन करेगा।'

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को दिया आदेश

चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा, 'चुनाव आयोग द्वारा लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी कैटेगरी में रखे गए वोटरों के नाम सार्वजनिक जगहों, पंचायत और तालुका ऑफिस में दिखाए जाएंगे।'

बेंच ने कहा, 'वोटरों से डॉक्यूमेंट लेने वाला व्यक्ति रसीद देगा। हालांकि, वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए वोटरों की सुनवाई तालुका लेवल के अधिकारियों के पास होगी।' सुप्रीम कोर्ट में यह सुनवाई सत्ताधारी DMK पार्टी के नेताओं की याचिकाओं पर हुई।

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि इस काम के लिए तमिलनाडु सरकार को जरूरी स्टाफ दिया जाए। इस फैसले ने DGP, SP और कलेक्टरों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि SIR प्रक्रिया को रोकने के लिए किसी भी कानून-व्यवस्था का उल्लंघन न हो।

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