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Summer Health Tips : गर्मी के मौसम में भूलकर भी न करें ये 8 गलतियां, सेहत पर हो सकता है गंभीर असर

Media Yodha Desk Mon, Mar 16, 2026

Summer Health Tips: गर्मी का मौसम शुरू होते ही कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ने लगता है, जब कई दिनों तक लगातार बहुत ज्यादा गर्मी पड़ती है तो इसे हीटवेव कहा जाता है. ऐसे समय में शरीर का तापमान संतुलित बनाए रखना बहुत मुश्किल हो जाता है. शरीर पसीने और ब्लड सर्कुलेशन के जरिए खुद को ठंडा करने की कोशिश करता है, लेकिन कुछ रोजमर्रा की गलत आदतें इस प्रक्रिया को और मुश्किल बना देती है. हेल्थ साइंस रिपोर्ट में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार हीटवेव का सेहत पर गंभीर रूप से असर पड़ सकता है. खासकर बुजुर्गों और बच्चों में इससे मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है. इसके साथ ही ज्यादा गर्मी का मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि हीटवेव में आपको भूलकर भी कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए जो आपकी सेहत पर खतरनाक असर डाल सकती है.

हीटवेव के दौरान सबसे बड़ी गलती शरीर में पानी की कमी होने देना है. तेज गर्मी में शरीर से पसीने के जरिए काफी मात्रा में पानी बाहर निकलता है. अगर पानी की कमी को समय पर पूरा नहीं किया जाए तो डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है. इससे चक्कर आना, सिर दर्द, थकान और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इसलिए दिन भर नियमित रूप से पानी पीते रहना जरूरी है.

गर्मियों में दिन के बीच का समय खासकर दोपहर और शुरुआती दोपहर के घंटे सबसे ज्यादा गर्म होते हैं. इस दौरान लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर पर गर्मी का दबाव बढ़ जाता है और हिट से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि इस समय बाहर जाने से बचें या छांव और ठंडी जगह का सहारा लें.

गर्मी में कपड़ों का चुनाव भी शरीर के तापमान को प्रभावित करता है. बहुत टाइट कपड़े या गहरे रंग के कपड़े गर्मी को ज्यादा सोख लेते हैं और स्किन के आसपास हवा का प्रवाह कम कर देते हैं. इसके बजाय हल्के रंग के ढीले और हल्के कपड़े पहनने से शरीर को ठंडा रखने में मदद मिलती है और पसीना भी आसानी से सूख पाता है.

वहीं ज्यादा पसीना आना मांसपेशियों में ऐंठन, मतली या चक्कर आना जैसे लक्षण इस बात का संकेत हो सकते हैं कि शरीर गर्मी से जूझ रहा है. अगर इन शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज किया जाए तो स्थिति गंभीर हो सकती है और आगे चलकर बड़ी स्वास्थ्य समस्या का रूप ले सकती है.

गर्मी के मौसम में ज्यादा कैफीन या शराब का सेवन भी शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकता है. यह ड्रिंक शरीर से तरल पदार्थ की कमी को बढ़ा देते हैं. ऐसे में पानी, ताजे जूस, इलेक्ट्रोलाइट वाली ड्रिंक लेना ज्यादा फायदेमंद रहता है.

कई लोगों को तेज गर्मी में भूख कम लगती है और वह खाना छोड़ देते हैं. लेकिन शरीर को ऊर्जा और जरूरी की पोषक तत्वों की जरूरत लगती है. ऐसे में हल्का खाना, फल सब्जी और पानी से भरपूर चीज खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है.

तेज गर्मी में भारी फिजिकल काम या एक्सरसाइज करने से शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है और दिल पर भी दबाव पड़ सकता है. अगर किसी कारण से बाहर काम करना जरूरी हो तो उसे सुबह जल्दी या शाम के समय करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.

इसके अलावा बच्चों-बुजुर्गों और सबसे पहले बीमार लोगों पर हीटवेव का असर ज्यादा पड़ता है. अगर इन्हें बहुत गर्म वातावरण में छोड़ दिया जाए या उनके पानी और आराम का ध्यान न रखा जाए तो हेल्थ से जुड़े खतरे बढ़ सकते हैं.

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