7th August 2026

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रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में खाद-बीज संकट पर बवाल, विपक्ष हमलावर, कई विधायक निलंबित

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को सियासी घमासान के साथ हुई, जहां खाद और बीज की कमी को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा और जमकर हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने इस मुद्दे को उठाते हुए राज्य सरकार पर किसान विरोधी रवैये का आरोप लगायाकिसानों को नहीं मिल रहा खाद और बीज: विपक्ष का आरोप

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से इस मुद्दे को उठाते हुए कहा,

"राज्य में खाद की भारी किल्लत है, जिससे किसान बेहद परेशान हैं और आक्रोशित भी।"

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर सीधा आरोप लगाया कि,

"राज्य में किसान दोगुने दाम पर खाद खरीदने को मजबूर हैं। सरकार नहीं चाहती कि धान की अच्छी पैदावार हो, इसलिए खाद-बीज जानबूझकर नहीं दिया जा रहा है।"

DAP खाद की कमी पर भी चिंता

पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि

"DAP खाद की किल्लत के चलते किसान आंदोलन की राह पर हैं, सरकार को सदन में गंभीर चर्चा करनी चाहिए।"

सरकार का जवाब: ‘किसानों के साथ हैं’

कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने विपक्ष के आरोपों को नकारते हुए कहा,

"प्रदेश में कहीं कोई खाद-बीज की कमी नहीं है। अमानक बीज या खाद की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। हमारी सरकार किसान हितैषी है।"

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मंत्री के वक्तव्य के बाद स्थगन प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया।नारेबाजी और निलंबन: विपक्ष का विरोध तीखा

विपक्षी विधायकों ने सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और गर्भगृह तक पहुंच गए, जिसके चलते विधानसभा अध्यक्ष ने कई विपक्षी विधायकों को निलंबित कर दिया। धान की बुआई का समय और संसाधनों की चिंताछत्तीसगढ़ को ‘धान का कटोरा’ कहा जाता है। वर्तमान समय धान की बुआई का प्रमुख मौसम है। ऐसे में खाद और बीज की कमी का आरोप सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा कर सकता है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि समय रहते इस मुद्दे को नहीं सुलझाया गया तो राज्य में किसानों का गुस्सा सरकार के खिलाफ माहौल बना सकता है।

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