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Metformin Study : डायबिटीज की दवा मेटफॉर्मिन का दिमाग पर असर, नई रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा

Media Yodha Desk Mon, Mar 30, 2026

Metformin Study: डायबिटीज के इलाज में सालों से इस्तेमाल हो रही दवा मेटफॉर्मिन को लेकर एक नई स्टडी में बड़ा खुलासा हुआ है. दरअसल अब तक माना जाता था कि यह दावा मुख्य रूप से लीवर या आंतों पर असर डालकर ब्लड शुगर कंट्रोल करती है. लेकिन नई रिसर्च में सामने आया है कि इसका असर दिमाग पर भी होता है. यह रिसर्च डायबिटीज के इलाज के तरीकों को समझने में अहम बदलाव मानी जा रही है और फ्यूचर में नई तरह की टारगेटेड दवाओं का रास्ता भी खोल सकती है.

स्टडी में क्या आया सामने?

अमेरिका के बेलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन के रिसर्चर्स ने अपनी स्टडी में पाया कि मेटफॉर्मिन दिमाग के एक खास हिस्से के जरिए ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करती है. यह रिसर्च जर्नल साइंस एडवांस में पब्लिश हुई है. इस स्टडी के अनुसार दिमाग का हिस्सा वेंट्रोमेडियल हाइपोथैलेमस शरीर में ग्लूकोज के संतुलन को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है और मेटफॉर्मिन इसी पर असर डालते हैं.

कैसे काम करती है मेटफार्मिन दवा?

रिसर्चर्स के अनुसार Rap1 नाम का एक प्रोटीन इस प्रक्रिया में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. जब इस प्रोटीन की एक्टिविटी को कम किया गया तो मेटफार्मिन ब्लड शुगर को प्रभावित तरीके से कम कर पाए. इसके अलावा SF1 नाम के न्यूरॉन्स भी इस प्रक्रिया में सक्रिय पाए गए, जो दवा के असर को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं. वहीं इस स्टडी में जेनेटिक रूप से बदले गए चूहों पर प्रयोग किया गया है, जिन चूहों में आर Rap1 प्रोटीन नहीं था. उनमें मेटफार्मिन का असर नहीं दिखा और ब्लड शुगर लेवल में सुधार नहीं हुआ. वहीं जब मेटफार्मिन को सीधे दिमाग में दिया गया तो बहुत कम मात्रा में ब्लड शुगर तेजी से कम होता देखा गया.

रिसर्च से क्या हुआ साफ?

इस रिसर्च को लेकर रिसर्चर्स का मानना है कि उन्होंने यह भी जांच की कि वेंट्रोमीडियल हाइपोथैलेमस में कौन से सेल्स मेटफार्मिन के असर को मीडिएट करने में शामिल थे. वहीं रिसर्चर्स ने ब्रेन टिशु सैंपल का एनालिसिस करते हुए SF1 न्यूरॉन्स न्यूरॉन्स की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी को मापा मेटफार्मिन ने उनमें से ज्यादातर में एक्टिविटी बढ़ाई. लेकिन सिर्फ तब जब Rap1 मौजूद था. रिसर्चर्स के अनुसार इस रिसर्च ने मेटफार्मिन के बारे में उनकी सोच बदल दी. यह सिर्फ लीवर या अंत में ही काम नहीं करता, यह दिमाग में भी काम करता है. उन्होंने पाया कि लीवर और आंतों को रिस्पॉन्ड करने के लिए दवा को ज्यादा कंसंट्रेशन की जरूरत होती है, लेकिन दिमाग बहुत कम लेवल पर रिएक्ट करता है.

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