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Burning Eyes Reasons : आंखों में जलन और सूखापन? जानें क्यों घंटों स्क्रीन न देखने के बाद भी हो रही हैं ड्राई आई की समस्या

Media Yodha Desk Thu, Mar 12, 2026

Burning Eyes Reasons: आजकल कई लोग आंखों में जलन, सूखापन या किरकिराहट महसूस करने की शिकायत करते हैं. अक्सर इसका कारण मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन को माना जाता है. लेकिन आंखों के डॉक्टरों का कहना है कि कई ऐसे मरीज भी क्लिनिक पहुंच रहे हैं जो ज्यादा स्क्रीन का इस्तेमाल नहीं करते, फिर भी उनकी आंखें सूखी और थकी हुई महसूस होती हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर यह समस्या क्यों बढ़ रही है.

क्यों होती है इस तरह की दिक्कत?

दरअसल, हमारी आंखों की सतह पर एक पतली परत होती है जिसे टियर फिल्म कहा जाता है. यही परत आंखों को नम बनाए रखती है और उन्हें आरामदायक महसूस कराती है. जब यह संतुलन बिगड़ जाता है तो आंखों में सूखापन, खुजली या जलन जैसी परेशानी होने लगती है. विशेषज्ञों का कहना है कि आज की लाइफस्टाइल में कई ऐसी आदतें हैं जो धीरे-धीरे इस संतुलन को प्रभावित करती हैं.

भारत में इतने लोगों को होती है दिक्कत

इंडियन जर्नल ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक उत्तर भारत में लगभग 32 प्रतिशत लोगों को ड्राई आई की समस्या का सामना करना पड़ता है. रिसर्चर का मानना है कि इसके पीछे एनवायरमेंट, उम्र और रोजमर्रा की लाइफस्टाइल बड़ी भूमिका निभाते हैं. ड्राई आई सिंड्रोम अब दुनिया भर में आंखों से जुड़ी आम समस्याओं में से एक बन चुका है. यह स्थिति तब पैदा होती है जब आंखों में पर्याप्त आंसू नहीं बनते या बनने वाले आंसू जल्दी सूख जाते हैं. आंसू सिर्फ पानी नहीं होते, बल्कि उनमें तेल, म्यूकस और कुछ प्रोटीन भी होते हैं जो आंखों को इंफेक्शन से बचाते हैं और उन्हें चिकना बनाए रखते हैं. जब यह मिक्स असंतुलित हो जाता है तो आंखों में जलन और असहजता महसूस होने लगती है.

क्या होते हैं कारण?

शहरों में बढ़ता प्रदूषण और एयर कंडीशनर का ज्यादा इस्तेमाल भी आंखों पर असर डालता है. एयर कंडीशनिंग से हवा में नमी कम हो जाती है, जिससे आंसू जल्दी सूखने लगते हैं. इसके अलावा धूल और प्रदूषण भी आंखों में जलन बढ़ा सकते हैं. एक और अहम कारण है पलक झपकाने की आदत का कम हो जाना. जब हम किसी काम में बहुत ज्यादा ध्यान लगाते हैं, जैसे पढ़ना, लिखना या लंबी ड्राइव करना, तो पलक झपकाने की गति धीमी हो जाती है. इससे आंखों की सतह पर आंसुओं की परत ठीक से नहीं फैल पाती और सूखापन महसूस होने लगता है. एलर्जी भी कई बार आंखों में जलन और खुजली का कारण बन सकती है. पॉलिन, धूल, फफूंदी या पालतू जानवरों के बाल जैसी चीजें आंखों के आसपास की नाजुक त्वचा में सूजन पैदा कर सकती हैं.

कैसे कर सकते हैं बचाव?

इसके अलावा शरीर में पानी की कमी, नींद पूरी न होना या विटामिन A, D और ओमेगा-3 जैसे पोषक तत्वों की कमी भी आंखों के सूखेपन को बढ़ा सकती है. इसलिए एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि पर्याप्त पानी पिएं, आंखों को समय-समय पर आराम दें और जरूरत पड़ने पर आंखों की जांच जरूर कराएं. छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है.

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