7th August 2026

BREAKING NEWS

कार्यरत शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET पास करना अनिवार्य, नौकरी पर पड़ेगा असर

असिस्टेंट-स्टेनोग्राफर समेत कई पदों पर भर्ती, जानें योग्यता और अप्लाई करने का तरीका

अब TTE की हर हरकत कैमरे में होगी रिकॉर्ड, रायपुर मंडल के टिकट चेकर्स पहनेंगे बॉडी कैमरा

सिरदर्द और गले की खराश से ऐसे करें बचाव

CG के इस जिले में जल्द दौड़ेंगी 50 AC ई-बसें, रूट तय करने में जनता की होगी भागीदारी

Advertisment

कोरबा : देवपहरी जलप्रपात में फंसे 5 पर्यटकों का सफल रेस्क्यू, 7 घंटे चला अभियान

छत्तीसगढ़ के खूबसूरत पर्यटन स्थल देवपहरी जलप्रपात में मंगलवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया। चोरनई नदी के बीच फंसे पांच पर्यटकों को 7 घंटे के लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद देर रात 1 बजे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। लेमरू थाना पुलिस और नगर सेना की संयुक्त टीम ने जान जोखिम में डालकर पर्यटकों को बचाया।कहां फंसे थे पर्यटक?

  • देवपहरी का गोविंदझुंज जलप्रपात, कोरबा जिले से लगभग 50 किमी दूर स्थित है।

  • यह जलप्रपात चोरनई नदी पर बनता है और बरसात के मौसम में इसका दृश्य बेहद आकर्षक हो जाता है।

  • लेकिन बारिश के दौरान तेज बहाव और अचानक बढ़ता जलस्तर अक्सर खतरे का कारण बन जाता है।रेस्क्यू मिशन की कहानी

मंगलवार शाम 5 बजे कोरबा शहर से पहुंचे:

  • एसईसीएलकर्मी प्रमोद सिंह

  • उनकी पत्नी हर्ष कंवर, साली एकता कंवर

  • ट्रांसपोर्टर नागेश तिवारी

  • और चिकित्सक डॉ. सिप्पी सिंह

नदी के बीचों-बीच फंस गए। जैसे ही स्थानीय ग्रामीणों ने देखा, उन्होंने तत्काल लेमरू पुलिस को सूचना दी।

  • बोट और रस्सी के साथ रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची

  • लेकिन तेज बहाव के कारण बोट उतारना खतरे से खाली नहीं था

  • जैसे ही पानी कम हुआ, रस्सी के जरिए एक-एक कर सभी पांचों को बाहर निकाला गया

  • रात 1 बजे तक ऑपरेशन पूरा हुआ — सभी सकुशल हैं

चेतावनियों को किया नजरअंदाज

लेमरू थाना प्रभारी राजेश खलखो ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों ने पर्यटकों को खतरनाक क्षेत्र में जाने से रोका था, लेकिन उन्होंने चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया। बारिश के चलते नदी का बहाव तेज हो गया और सभी लोग फंस गए।

“पानी कम होते ही हमने तत्काल रेस्क्यू शुरू किया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।" – राजेश खलखो, थाना प्रभारी

पर्यटन स्थल पर सुरक्षा ज़रूरी

  • देवपहरी जलप्रपात की सुंदरता पर्यटकों को आकर्षित करती है,

  • लेकिन बरसात के मौसम में यहां जाना जोखिम भरा हो सकता है

  • प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों की चेतावनी को नज़रअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन