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बड़ा झटका : छत्तीसगढ़ सरकार ने बंद की यह योजना, 35 हजार कर्मचारियों की बढ़ी चिंता

Media Yodha Desk Sun, Jun 7, 2026

रायपुर : राज्य शासन ने श्रम सम्मान राशि योजना को अघोषित रूप से बंद कर दिया है, जिससे प्रदेश के अनियमित कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। वित्त विभाग ने 1 अगस्त 2023 से यह योजना लागू की थी, जिसके तहत अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल श्रेणी के कर्मचारियों को प्रतिमाह 4000 रुपए की श्रम सम्मान राशि दी जा रही थी। इस योजना से प्रदेश के 35 हजार से अधिक अनियमित कर्मचारी लाभान्वित हो रहे थे। हाल ही में 5 जून को वरिष्ठ कोषालय अधिकारी, इन्द्रावती कोषालय, नवा रायपुर ने एक पत्र जारी कर बिना नियुक्ति आदेश के श्रम सम्मान राशि के देयकों को कोषालय में प्रस्तुत नहीं करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के कारण कई विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को श्रम सम्मान राशि से वंचित करने की स्थिति बनी है।

छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद साहू ने कहा, राज्य सरकार ने बिना किसी स्पष्ट नीति घोषणा के इस योजना को समाप्त करने की दिशा में कदम किया है। फेडरेशन का आरोप है कि तकनीकी कारणों का हवाला देकर कर्मचारियों को लाभ से वंचित किया जा रहा है। फेडरेशन ने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से योजना को पूर्ववत लागू रखने, सभी दैनिक वेतन भोगी, कलेक्टर दर कर्मचारियों को बिना भेदभाव भुगतान सुनिश्चित करने और कोषालय स्तर पर उत्पन्न भ्रम को समाप्त करने की मांग की है। फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि यह आदेश वापस नहीं लिया गया, तो अनियमित कर्मचारी लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

श्रम सम्मान राशि योजना को लेकर जारी आदेश के बाद प्रदेश के हजारों अनियमित कर्मचारियों के सामने आर्थिक असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कर्मचारियों का कहना है कि यह राशि उनके मासिक जीवन-यापन में महत्वपूर्ण सहारा थी, ऐसे में इसके भुगतान पर रोक या अनिश्चितता से उन्हें सीधा नुकसान होगा। छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर योजना को पूर्ववत लागू रखने, सभी पात्र कर्मचारियों को बिना किसी भेदभाव के भुगतान सुनिश्चित करने तथा कोषालय स्तर पर उत्पन्न भ्रम को दूर करने की मांग की है।

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