12th August 2026

BREAKING NEWS

पोस्ट ऑफिस एजेंट गिरफ्तार, RD खाते में रकम जमा कराने के नाम पर 150 खाताधारकों से करोड़ों की ठगी

बस्तर दशहरा 2026 का आगाज आज से, पाट जात्रा पूजा के साथ शुरू होगा 75 दिवसीय ऐतिहासिक पर्व

आज छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक छुट्टी, स्कूल-कॉलेज से लेकर सरकारी दफ्तर तक रहेंगे बंद

बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया सिस्टम, छत्तीसगढ़ में 4 दिन भारी बारिश के आसार

बारिश में गैस, अपच और ब्लोटिंग से बचना है? आयुष मंत्रालय ने बताया क्या खाएं, किन चीजों से करें परहेज

Advertisment

Hareli Public Holiday : आज छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक छुट्टी, स्कूल-कॉलेज से लेकर सरकारी दफ्तर तक रहेंगे बंद

Media Yodha Desk Wed, Aug 12, 2026

Hareli Public Holiday: छत्तीसगढ़ का पारंपरिक लोकपर्व हरेली तिहार आज पूरे प्रदेश में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। हरेली पर्व के अवसर पर राज्य सरकार ने 12 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इसके चलते प्रदेशभर के सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय और बैंक बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री निवास में भी हरेली पर्व के उपलक्ष्य में विशेष आयोजन किए जाएंगे। इस पर्व को खेती-किसानी, हरियाली और ग्रामीण संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। हरेली तिहार के अवसर पर राज्य सरकार ने प्रदेशभर में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। आज सभी शासकीय कार्यालयों के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज और बैंक बंद रहेंगे। अगस्त माह में स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहारों के कारण विद्यार्थियों और कर्मचारियों को लगातार छुट्टियों का लाभ भी मिलेगा।

हरेली सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाता है। 'हरेली' का अर्थ हरियाली से है। वर्षा ऋतु में धरती हरियाली से आच्छादित हो जाती है और खरीफ फसलों की बुआई का कार्य लगभग पूरा हो जाता है। किसान इस दिन अपने कृषि उपकरणों जैसे हल, नांगर, कुदाली, फावड़ा और गैंती की साफ-सफाई कर उनकी पूजा करते हैं तथा गुड़ के चीले और नारियल का भोग लगाते हैं।

हरेली पर्व पर किसान अपने पशुओं के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं। परंपरा के अनुसार पशुओं को औषधीय गुणों से युक्त आटे की लोंदी खिलाई जाती है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में यादव समाज के लोग जंगलों से जड़ी-बूटियां और कंदमूल लाकर किसानों को उपलब्ध कराते हैं। बदले में किसान उन्हें चावल, दाल और अन्य उपहार भेंट करते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है।

हरेली तिहार का सबसे बड़ा आकर्षण गेड़ी चढ़ना माना जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे और युवा लकड़ी की गेड़ी बनाकर उस पर चलते हैं और पारंपरिक खेलों का आनंद लेते हैं। इसके अलावा गांवों में ठाकुर देव की पूजा, सामूहिक आयोजन और लोकगीतों के माध्यम से इस पर्व को पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जाता है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन