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छत्तीसगढ़ में शिक्षक बनने का नया रास्ता : 12वीं के बाद सीधे मिलेगा B.Ed में एडमिशन, सरकार की बड़ी तैयारी

Media Yodha Desk Fri, Jul 17, 2026

CG News: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप प्रदेश में शिक्षक शिक्षा की व्यवस्था बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने चार वर्षीय बीएड (इंटीग्रेटेड) पाठ्यक्रम लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए टास्क फोर्स का गठन किया है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर दुर्ग संभाग सहित प्रदेश के बीएड कॉलेजों में चरणबद्ध तरीके से नया पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। साथ ही सरकारी महाविद्यालयों में भी बीएड की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी चल रही है।

विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा उपलब्ध कराई

फिलहाल प्रदेश के किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय में चार वर्षीय बीएड अथवा इंटीग्रेटेड बीएड पाठ्यक्रम संचालित नहीं हो रहा है। यूजीसी के मानकों के अनुरूप आवश्यक संसाधन विकसित करने के बाद ही इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

12वीं के बाद शिक्षक बनने का अवसर

12वीं के बाद विद्यार्थी सीधे चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकेंगे, जिससे स्नातक और बीएड की पढ़ाई एक साथ पूरी होगी। नई व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रशिक्षित शिक्षक तैयार करेगी। इसके लिए गठित टास्क फोर्स कॉलेजों में शिक्षकों, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं और अन्य संसाधनों का आकलन कर पाठ्यक्रम शुरू करने योग्य संस्थानों का चयन करेगी।तलाशी जा रही है संचालन की संभावनाएं उच्च शिक्षा विभाग प्रदेश के 13 सरकारी महाविद्यालयों में बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसी कड़ी में दुर्ग जिले के सरकारी महाविद्यालयों में भी बीएड की शुरुआत की संभावना है।

सरकारी कॉलेजों में भी शुरू होगी बीएड की पढ़ाई

उच्च शिक्षा विभाग प्रदेश के 13 सरकारी महाविद्यालयों में बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। इसी क्रम में दुर्ग जिले के सरकारी महाविद्यालयों में भी बीएड की शुरुआत की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालयों की अध्ययनशालाओं में भी इस पाठ्यक्रम के संचालन की संभावनाओं का परीक्षण किया जा रहा है।

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