5th August 2026

BREAKING NEWS

गले में फंदा, मुंह में कपड़ा… Instagram फ्रेंडशिप के बाद प्रेमी ने की गर्लफ्रेंड की हत्या

जंगल में भालू ने किया हमला, दो लोगों की गई जान, एक की हालत नाजुक

संसदीय पैनल ने Meta CEO को दिया अल्टीमेटम, वीडियो हटाने पर बढ़ा विवाद

छत्तीसगढ़ में AI मिशन और BEML प्लांट को हरी झंडी, सुशासन और रोजगार पर बड़ा दांव

अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, अंतरिम जमानत मंजूर

Advertisment

WhatsApp का नया पैरेंटल कंट्रोल फीचर : माता-पिता बच्चों के अकाउंट को कर सकेंगे पूरी तरह कंट्रोल

Media Yodha Desk Sat, Jan 10, 2026

Whatsapp New Feature: WhatsApp जल्द ही ऐसे नए पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स पर काम कर रहा है जिनसे माता-पिता अपने बच्चों के अकाउंट को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकेंगे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी एक ऐसा सिस्टम तैयार कर रही है जिसमें बच्चों के लिए अलग से एक सेकेंडरी अकाउंट बनाया जा सकेगा जो माता-पिता के मुख्य WhatsApp अकाउंट से जुड़ा होगा.

WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, यह फीचर WhatsApp के Android बीटा वर्जन 2.26.1.30 में देखा गया है. फिलहाल यह फीचर डेवलपमेंट स्टेज में है और अभी आम यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया है. हालांकि, इससे साफ है कि WhatsApp बच्चों की ऑनलाइन सेफ्टी को लेकर नए कदम उठाने की तैयारी में है.

सेकेंडरी अकाउंट क्या होगा और कैसे करेगा काम

रिपोर्ट में बताया गया है कि यह सेकेंडरी अकाउंट बच्चों के लिए खास तौर पर डिजाइन किया जाएगा और इसमें सीमित सुविधाएं होंगी. यह अकाउंट माता-पिता के प्राइमरी अकाउंट से एक खास लिंकिंग प्रोसेस के जरिए जोड़ा जाएगा. इससे दोनों प्रोफाइल के बीच एक स्पष्ट कनेक्शन बनेगा जबकि चैट और कॉल की प्राइवेसी बनी रहेगी.

पहले से लगे होंगे कुछ जरूरी प्रतिबंध

सेकेंडरी अकाउंट का मकसद ही यह है कि उसमें कुछ पाबंदियां पहले से लागू हों. उदाहरण के तौर पर, बच्चों को केवल सेव किए गए कॉन्टैक्ट्स से ही मैसेज और कॉल करने की अनुमति मिल सकती है. इससे अनजान लोगों से संपर्क होने का खतरा कम होगा. अभी WhatsApp में ऐसा कोई सीधा विकल्प मौजूद नहीं है जो मैसेजिंग और कॉलिंग को सिर्फ कॉन्टैक्ट्स तक सीमित कर दे.

माता-पिता को मिलेंगी सीमित जानकारी

WhatsApp माता-पिता के अकाउंट के साथ सेकेंडरी अकाउंट की कुछ सीमित एक्टिविटी अपडेट्स साझा करने की योजना भी बना रहा है. हालांकि, इसमें मैसेज या कॉल का कंटेंट शामिल नहीं होगा. एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पहले की तरह लागू रहेगा जिससे बातचीत पूरी तरह निजी बनी रहेगी. साझा की जाने वाली जानकारी सामान्य अकाउंट एक्टिविटी या जरूरी सेटिंग्स में हुए बदलाव तक सीमित हो सकती है.

बच्चों के लिए सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल की दिशा में कदम

फिलहाल ये पैरेंटल कंट्रोल टूल्स टेस्टिंग के दौर में हैं और WhatsApp ने इनके लॉन्च को लेकर कोई आधिकारिक तारीख नहीं बताई है. लेकिन जब यह फीचर आएगा, तो माता-पिता के लिए बच्चों के WhatsApp इस्तेमाल पर उम्र के अनुसार सीमाएं तय करना आसान हो जाएगा. इससे बच्चे भी ऐप का इस्तेमाल ज्यादा सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ कर

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन