8th August 2026

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Social Media Addiction : 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया की रोक! सरकार ला रही नया नियम, जानें पूरा प्लान

Social Media Addiction: स्मार्टफोन और इंटरनेट के इस दौर में बच्चे अपना ज्यादातर वक्त इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिता रहे हैं, लेकिन अब बच्चों को सोशल मीडिया की लत, साइबर बुलिंग और आपत्तिजनक कंटेंट से बचाने के लिए केंद्र सरकार सख्त नियम लागू करने की तैयारी में है. इस संबंध में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस कृष्णन ने एक हालिया इंटरव्यू में स्पष्ट किया है कि सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया तक पहुंच को सीमित या प्रतिबंधित करने के प्रस्तावों पर विभिन्न पक्षों के साथ गंभीर चर्चा कर रही है. वैश्विक स्तर पर ऑनलाइन सुरक्षा और एडिक्टिव प्लेटफॉर्म डिजाइन को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत भी अब बच्चों के डिजिटल भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बड़े नीतिगत बदलावों की ओर कदम बढ़ा रहा है.

सोशल मीडिया के खतरों पर लगाम की तैयारी

दुनियाभर की सरकारें इस समय बच्चों के सोशल मीडिया एक्सेस को लेकर कड़े कानून बना रही हैं. ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में सोशल मीडिया के लिए आयु प्रतिबंध से जुड़ा कानून पास किया है, जबकि कई यूरोपीय देश सख्त पैरेंटल कंसेंट यानी माता पिता की सहमति और एज वेरिफिकेशन सिस्टम को लागू करने की प्रक्रिया में हैं. इस बीच आईटी सचिव ने बताया कि भारत इन वैश्विक घटनाक्रमों का बारीकी से अध्ययन कर रहा है. उन्होंने कहा कि हमें यह देखने की जरूरत है कि अन्य देशों ने सोशल मीडिया को लेकर क्या कदम उठाए हैं. यह पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है. यूरोपीय संघ (EU) और अन्य देशों के साथ चर्चा के दौरान सोशल मीडिया के जोखिमों का मुद्दा बार बार सामने आया है. भारत में भी संसदीय स्थायी समितियों सहित विभिन्न मंचों पर इन खतरों पर विस्तार से चर्चा की जा चुकी है.

एज वेरिफिकेशन और डिजिटल सेफ्टी पर मंथन

सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाना और तकनीकी प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही तय करना है. वर्तमान में चल रही चर्चाओं में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि कोई भी नया रेगुलेटरी ढांचा तैयार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि युवा यूजर्स की सुरक्षा भी हो और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से मिलने वाले फायदों व रचनात्मकता को भी नुकसान न पहुंचे. नीचे दिए गए कदम उठाने की संभावना है.

  • उम्र का सत्यापन: इसके तहत सोशल मीडिया अकाउंट बनाने के लिए सख्त डिजिटल पहचान और उम्र की जांच जरूरी हो जाएगी?

  • अल्गोरिदम पर लगाम: टेक कंपनियों के उन एडिक्टिव अल्गोरिदम को नियंत्रित किया जाएगा, जो बच्चों को स्क्रीन से बांधे रखते हैं.

  • पैरेंटल कंट्रोल: बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर माता पिता की निगरानी को और अधिक मजबूत और व्यावहारिक बनाया जाएगा.

क्या होगा सरकार का अगला कदम?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर पाबंदी लगाने या किसी अन्य मॉडल को अपनाने का अंतिम निर्णय सभी वर्गों  के साथ चल रही लंबी परामर्श प्रक्रिया के बाद ही लिया जाएगा. यह पहल सरकार के उस व्यापक एजेंडे का हिस्सा है, जिसके तहत ऑनलाइन नुकसान, मध्यस्थ की जवाबदेही और उभरते हुए एआई नियमों को मजबूत बनाना है.

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