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Sleep Disorder Alert : क्या आपकी भी रात में बार-बार खुलती है नींद? जानें किन गंभीर बीमारियों का हो सकता है संकेत

Media Yodha Desk Thu, Feb 19, 2026

Sleep Disorder Alert: रात में बार-बार नींद खुलने की दिक्कत यानी इंसोम्निया एक आम लेकिन परेशान करने वाली नींद से जुड़ी समस्या है. इसमें व्यक्ति को रात में नींद आने में दिक्कत होती है या फिर बार-बार नींद खुल जाती है. कई बार ऐसा भी होता है कि सुबह बहुत जल्दी आंख खुल जाती है और दोबारा नींद नहीं आती. पूरी रात बिस्तर पर बिताने के बाद भी सुबह थकान महसूस होती है. धीरे-धीरे यह समस्या एनर्जी के स्तर को कम कर देती है, मूड पर असर डालती है और कामकाज की क्षमता के साथ-साथ लाइफ की क्वालिटी को भी प्रभावित करती है. चलिए आपको बताते हैं कि ऐसा क्यों होता है और कब डॉ. से मिलने की जरूरत होती है.

क्यों होती है दिक्कत?

हेल्थ के विषयों में जानकारी देने वाली Mayoclinic के अनुसार, हर व्यक्ति के लिए पर्याप्त नींद की मात्रा अलग हो सकती है, लेकिन ज्यादातर एडल्ट को रोजाना 7 से 9 घंटे की नींद की जरूरत होती है. जीवन में कभी-न-कभी अधिकतर लोगों को कम समय के लिए इंसोम्निया की शिकायत होती है, जो कुछ दिनों या हफ्तों तक रह सकती है. यह अक्सर तनाव, चिंता या किसी इमोशनल घटना के कारण होती है. हालांकि कुछ लोगों में यह समस्या लंबी अवधि तक बनी रहती है. यदि तीन महीने या उससे अधिक समय तक नींद की परेशानी जारी रहे, तो इसे क्रॉनिक इंसोम्निया कहा जाता है. कई बार यह अपने आप में एक बीमारी होती है, तो कभी यह किसी अन्य शारीरिक समस्या या दवाइयों के कारण भी हो सकती है.

इनसे बढ़ती है दिक्कत

मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं जैसे एंग्जायटी या डिप्रेशन अनिद्रा को बढ़ा सकती हैं. कुछ दवाइयां, लंबे समय तक रहने वाला दर्द, अस्थमा, थायरॉयड, एसिडिटी, स्लीप एपनिया या रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम जैसी स्थितियां भी कारण बनती हैं. उम्र बढ़ने के साथ नींद हल्की हो जाती है और दवाओं का सेवन बढ़ने से भी परेशानी बढ़ सकती है. बच्चों और किशोरों में अक्सर उनकी बदली हुई सर्कैडियन रिदम के कारण देर से नींद आने की समस्या देखी जाती है.

कब आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अनिद्रा के लक्षण सिर्फ रात तक सीमित नहीं रहते. दिन के समय थकान, चिड़चिड़ापन, उदासी या घबराहट महसूस होना आम है. ध्यान लगाने में कठिनाई, काम में गलती होना या छोटी-छोटी बातों पर ज्यादा चिंता करना भी इसके संकेत हो सकते हैं. अगर नींद की कमी आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. एक्सपर्ट कारण जानकर उचित इलाज की दिशा तय करते हैं और जरूरत पड़ने पर स्लीप टेस्ट की भी सलाह दे सकते हैं, ताकि समस्या की जड़ तक पहुंचा जा सके.

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