6th August 2026

BREAKING NEWS

तहसीलदार और ग्रामीण के बीच जमकर विवाद, अभद्र व्यवहार के आरोप से मचा हड़कंप...

शराब-गुटका समेत नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक

पूर्व सचिव की जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने पेपर लीक को बताया हत्या से भी जघन्य अपराध

छत्तीसगढ़ में मानसून फिर हुआ सक्रिय, अगले 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी

लाभार्थियों को अब मिलेगी ₹300 प्रतिदिन मजदूरी, जानें नई व्यवस्था

Advertisment

Ranveer Singh Controversy : रणवीर सिंह के नोटिस के बाद FWICE यू-टर्न, NOC वापस लेकर कहा- बैन लगाने का अधिकार नहीं

Media Yodha Desk Sat, Jun 6, 2026

Ranveer Singh Controversy: रणवीर सिंह द्वारा फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 छोड़ने के बाद शुरू हुआ विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. इस पूरे मामले में एफडब्ल्यूआईसीई (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन (NOC) का ऐलान किया था, जिसके बाद एफडब्ल्यूआईसीई (FWICE) पर ही सवाल उठने लगे थे कि फिल्म इंडस्ट्री की बाकी एसोसिएशन्स की सहमति लिए बिना इतना बड़ा फैसला क्यों लिया गया

इसी बीच 2 जून को रणवीर सिंह ने एफडब्ल्यूआईसीई को अपने खिलाफ जारी नॉन-कोऑपरेशन को लेकर एक लीगल नोटिस भेज दिया. इसके बाद 3 जून को एफडब्ल्यूआईसीई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें सिंटा की जनरल सेक्रेटरी उपासना सिंह, इफ्तडा के प्रेसिडेंट अशोक पंडित, ऑल इंडिया फिल्म एम्प्लॉइज कॉन्फेडरेशन के प्रेसिडेंट और एफडब्ल्यूआईसीई के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अशोक पंडित ने कहा, 'सिंटा, इम्प्पा और प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने हमें पत्र लिखकर रणवीर सिंह के खिलाफ जारी नॉन-कोऑपरेशन वापस लेने का अनुरोध किया है. इन संगठनों की अपील को देखते हुए हमने नॉन-कोऑपरेशन वापस लेने का फैसला किया है.' अशोक पंडित ने आगे कहा, 'हमारे पास किसी को बैन करने की अथॉरिटी नहीं है. हम सिर्फ नॉन-कोऑपरेशन की अपील कर सकते हैं.'

रणवीर सिंह के लीगल नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, 'उनके लीगल नोटिस का जवाब कानूनी तरीके से दिया जाएगा.' वहीं एफडब्ल्यूआईसीई के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे ने कहा, 'फिल्म इंडस्ट्री एक परिवार की तरह है और हम सभी मिल-बैठकर इस मसले का हल निकालेंगे.'

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिनेत्री और सिंटा की जनरल सेक्रेटरी उपासना सिंह ने भी रणवीर सिंह के पक्ष में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, 'रणवीर सिंह एक बड़े स्टार हैं और उनकी फिल्म ‘धुरंधर' ने शानदार बिजनेस किया है. मेरे बेटे ने ‘धुरंधर' पांच बार देखी है और वह कहता है कि वह इस फिल्म को कितनी भी बार देख सकता है. मैं खुश हूं कि एफडब्ल्यूआईसीई ने मेरी रिक्वेस्ट मानी और यह नॉन-कोऑपरेशन वापस लिया.'

हालांकि एफडब्ल्यूआईसीई (FWICE) और फिल्म इंडस्ट्री की अन्य एसोसिएशन्स ने इस मामले पर अपना पक्ष साफ कर दिया है, लेकिन इस पूरे विवाद की जड़ माने जा रहे फरहान अख्तर और रणवीर सिंह के बीच का मामला अब भी अनसुलझा है. फरहान अख्तर की ओर से कथित तौर पर 40 करोड़ रुपये की मांग को लेकर अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है.

अशोक पंडित ने आगे कहा, 'हमें कल कानूनी नोटिस मिला, जिसमें हमसे असहयोग का आदेश वापस लेने का अनुरोध किया गया था. हम रणवीर से अपील करते हैं कि वे हमारे साथ बैठकर कोई हल निकालें. हमें किसी पर प्रतिबंध लगाने का कोई अधिकार नहीं है. हमें उम्मीद है कि रणवीर की तरफ से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलेगी.'

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन