नई दिल्ली : भारत-कनाडा रिश्तों में नई शुरुआत, उच्चायुक्तों की बहाली और वीज़ा सेवाओं पर बनी सहमति
दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा और वहां हुई द्विपक्षीय वार्ता की सराहना करते हुए इसे भारत की "पिछले 30 वर्षों की सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत" बताया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से भारत ने दुनिया को दिखा दिया है कि वह अपनी संप्रभुता और निर्णय क्षमता के मामले में समझौता नहीं करेगा।
उच्चायुक्त और वीज़ा सेवाएं बहाल, भारत की बड़ी जीत
सिरसा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई ऐतिहासिक मुलाकात के बाद तय हुआ कि दोनों देशों में उच्चायुक्तों की बहाली और वीज़ा सेवाओं को फिर से शुरू किया जाएगा। यह भारत की अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत स्थिति का प्रमाण है। सिरसा के अनुसार, अब कनाडा भारत के सम्मान और संप्रभुता पर सवाल नहीं उठा सकता।
जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए पीएम मोदी को आमंत्रण
मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस बात पर भी खुशी जताई कि कनाडा के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को जी-7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि यह भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का संकेत है। सिरसा ने कहा, “आज भारत आर्थिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से विश्व शक्ति बनने की राह पर है।”
कनाडा चुनाव के बाद दोनों प्रधानमंत्रियों की पहली मुलाकात
कनाडा में हाल ही में हुए आम चुनावों के बाद पीएम मोदी और पीएम कार्नी के बीच यह पहली सीधी मुलाकात थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा संबंधों को स्थिर और रचनात्मक बनाने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और संप्रभुता के सिद्धांतों को मजबूती से दोहराया गया।
सिरसा ने पीएम मोदी की नीतियों की सराहना की
सिरसा ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी हमेशा देशहित को सर्वोपरि रखते हैं, राजनीति को नहीं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि देश के सम्मान से बड़ा कुछ नहीं। इसी नीति का परिणाम है कि आज भारत दुनिया में सम्मान पा रहा है।
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