8th August 2026

BREAKING NEWS

बरसात में सुस्ती और आलस से हैं परेशान? अपनाएं ये 5 आसान बदलाव, मिलेगी नई ऊर्जा

रवीना टंडन पर अचानक झपटा डॉगी, एक्ट्रेस ने बिना घबराए ऐसे किया हालात को कंट्रोल

पहले कर लें ये 2 जरूरी काम

अगस्त में 4 दिन बंद रहेंगे स्कूल, छत्तीसगढ़ के बैंक भी रहेंगे बंद, देखें पूरी लिस्ट

MBBS-BDS में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, पहले चरण की काउंसलिंग का शेड्यूल जारी

Advertisment

Metabolic Diseases In India : भारत में मेटाबॉलिक बीमारियों का बढ़ता संकट, एशिया-प्रशांत में टॉप पर पहुंचा देश

Media Yodha Desk Thu, Apr 23, 2026

Metabolic Diseases In India: भारत में मेटाबॉलिक बीमारियों का बोझ तेजी से बढ़ता जा रहा है और अब यह गंभीर चिंता का विषय बन चुका है. हालिया स्टडी के मुताबिक, टाइप 2 डायबिटीज से होने वाली मौतों और डिसेबिलिटी एडजस्टेड लाइफ ईयर वर्षों के मामले में भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में पहले स्थान पर पहुंच गया है. चलिए आपको बताते हैं कि क्या निकला स्टडी में.

स्टडी में क्या आया सामने?

11 देशों केएक्सपर्ट द्वारा किए गए इस अध्ययन में बताया गया कि वर्ष 1990 में टाइप 2 डायबिटीज के सबसे ज्यादा मामले चीन में थे, इसके बाद भारत, इंडोनेशिया, जापान और पाकिस्तान का स्थान था. लेकिन वर्ष 2023 तक स्थिति बदल गई और भारत ने चीन को पीछे छोड़ते हुए सबसे अधिक मामलों वाला देश बन गया.  यह एनालिसिस ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज के आंकड़ों पर आधारित है. स्टडी में यह भी सामने आया कि भारत और चीन एशिया-प्रशांत क्षेत्र में पांच प्रमुख मेटाबॉलिक बीमारियों टाइप 2 डायबिटीज, हाईबीपी, बॉडी मास इंडेक्स, खराब कोलेस्ट्रॉल और फैटी लिवर से जुड़ी बीमारी का सबसे ज्यादा बोझ उठा रहे हैं.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

स्टजी के राइटर  अनूप मिश्रा के अनुसार, टाइप 2 डायबिटीज से जुड़े रोग भार और मौतों के मामले में भारत पहले स्थान पर है, जबकि बाकी चार बीमारियों में चीन पहले और भारत दूसरे स्थान पर है, जो गंभीर चिंता की बात है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के आंकड़ों के अनुसार, भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मेटाबॉलिक बीमारियों का सबसे बड़ा बोझ झेल रहा है. केवल टाइप 2 डायबिटीज के कारण ही देश में 2.1 करोड़ से अधिक मामले और करीब 5.8 लाख मौतें दर्ज की गईं, जो इसके भारी प्रभाव को दिखाता है."

उन्होंने यह भी बताया कि डायबिटीज, मोटापा, हाई बीपी, असामान्य कोलेस्ट्रॉल और फैटी लिवर आपस में जुड़ी हुई स्थितियां हैं, जो मुख्य रूप से खराब खानपान और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण बढ़ रही हैं. यही बीमारियां आगे चलकर किडनी फेल होना, दिल का दौरा, हार्ट फेलियर, लिवर की गंभीर बीमारी, लकवा और कई तरह के कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बनती हैं.

कितने लोग पीड़ित?

स्टडी के मुताबिक, वर्ष 2023 में भारत में टाइप 2 डायबिटीज से जुड़े 2,13,45,118 मामले और 5,78,367 मौतें दर्ज की गईं, जबकि चीन में यह आंकड़ा 1,09,40,382 मामले और 1,72,911 मौतों का रहा. पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में वर्ष 2023 के दौरान टाइप 2 डायबिटीज के कारण करीब 4.9 करोड़ मामले दर्ज किए गए, जिसमें 54.1 प्रतिशत हिस्सा पुरुषों का था। वहीं, इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा बोझ हाई बीपी का रहा, जिसके कारण करीब 13.8 करोड़ रोग-भार वर्ष और 62.7 लाख मौतें हुईं. इसके बाद अधिक शरीर भार, खराब कोलेस्ट्रॉल, टाइप 2 डायबिटीज और फैटी लिवर से जुड़ी बीमारी का स्थान रहा. वर्ष 1990 से 2023 के बीच कुल रोग-भार में 1.7 से 3.7 गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है. अनुमान है कि वर्ष 2030 तक इन बीमारियों का बोझ और बढ़ेगा, जिसमें हाई बीपी सबसे बड़ा कारण बना रहेगा.

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन