19th June 2026

BREAKING NEWS

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

आबकारी विभाग के 3 और सब इंस्पेक्टर सस्पेंड, 5 अफसरों को नोटिस

1 जुलाई से घर बैठे लगाएं बायोगैस प्लांट, जानिए पोर्टल पर कैसे करें रजिस्ट्रेशन

छत्तीसगढ़ में बड़ा हादसा... आंधी-तूफान से फैक्ट्री की दीवार ढही, मलबे में दबकर महिला की मौत

मानसून से पहले बदला मौसम का मिजाज, प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी

Advertisment

Lack Of Sleep Effects : 8 घंटे से कम नींद लेने से दिमाग पर पड़ते हैं ये गंभीर असर, जानें कैसे बचें

Media Yodha Desk Fri, Mar 6, 2026

Lack Of Sleep Effects: नींद हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है। ये रीसेट बटन की तरह है। सोने से हमारी बॉडी को दोबारा से एनर्जी मिलती है, जिससे आपकी बॉडी फिर से काम करने के लिए तैयार हो जाती है। लेकिन आजकल खराब लाइफस्टाइल की वजह से लोग न समय पर सो रहे और न ही 8 घंटे की पूरी नींद ले रहे हैं। कुछ लोग तो 8 घंटे से भी कम नींद लेते है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि 8 घंटे से कम नींद लेने से हमारे दिमाग पर क्या असर होता है। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं 8 घंटे से कम नींद लेने से क्या होगा।

1. याददाश्त और सीखने की क्षमता में कमी

नींद के दौरान आपका दिमाग यादों को 'सेव' करता है इसे Memory Consolidation कहते हैं। कम सोने से नई जानकारी को याद रखना मुश्किल हो जाता है। दरअसल दिमाग की 'हिप्पोकैम्पस' नाम की ग्रंथि, जो यादें बनाती है, कम नींद के कारण सही से काम नहीं कर पाती।

2. एकाग्रता और निर्णय लेने में दिक्कत
नींद की कमी का असर आपके Prefrontal Cortex पर पड़ता है, जो तर्क और योजना बनाने के लिए जिम्मेदार है। नींद की कमी की वजह से आप छोटे-छोटे फैसले लेने में उलझ सकते हैं और आपका ध्यान बार-बार भटकने लगता है। शोध बताते हैं कि 24 घंटे तक न सोना वैसा ही है जैसे कि शरीर में 0.10% अल्कोहल का स्तर होना यानी आप बिना शराब पिए नशे जैसी स्थिति में होते हैं।

3. भावनात्मक अस्थिरता 
क्या आपने गौर किया है कि कम सोने पर आप जल्दी चिढ़ जाते हैं? दिमाग का इमोशनल सेंटर, जिसे Amygdala कहते हैं, नींद की कमी में 60% ज्यादा सक्रिय हो जाता है, जिससे आप छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा, तनाव या उदासी महसूस करने लगते हैं।

4. अल्जाइमर का खतरा
गहरी नींद के दौरान दिमाग का Glymphatic System सक्रिय होता है, जो बीटा-एमाइलॉयड जैसे जहरीले प्रोटीन को बाहर निकालता है। लगातार नींद की कमी से ये टॉक्सिन्स दिमाग में जमा होने लगते हैं, जो भविष्य में अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन