8th August 2026

BREAKING NEWS

‘सशक्त’ ऐप की रेंज स्तरीय बैठक में साइबर अपराध पर फोकस, मुंगेली SP भोजराम पटेल ने बताया MRM मैकेनिज़्म

ODI वर्ल्ड कप 2027 में रोहित-विराट के खेलने पर शिखर धवन का बड़ा बयान, बोले- दोनों टीम को जिताने में मदद करेंगे

सांप के काटने के बाद गले में लपेटकर बाइक से अस्पताल पहुंचा युवक, पहचान कराने उठाया बड़ा जोखिम

जानें कब मिलेगा मुआवजा और कितनी मिलेगी राहत

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनियों में 1235 पदों पर भर्ती, AE से DEO तक कई वैकेंसी

Advertisment

नई दिल्ली : भारत ने स्थगित की सिंधु जल संधि, पाकिस्तान ने जताई चर्चा की इच्छा — लेकिन भारत अडिग

admin Thu, May 15, 2025

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा 1960 की सिंधु जल संधि (IWT) को स्थगित किए जाने के कुछ सप्ताह बाद, पाकिस्तान ने भारत के साथ फिर से बातचीत की इच्छा जताई है। लेकिन भारत इस पर किसी भी तरह के पुनर्विचार को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है।


🇵🇰 पाकिस्तान ने भेजा पत्र, भारत को दी गई आपत्ति पर चर्चा की पेशकश

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के जल संसाधन सचिव सैयद अली मुर्तजा ने भारतीय जल संसाधन सचिव देबाश्री मुखर्जी को पत्र लिखकर इस संधि पर उठाई गई आपत्तियों पर चर्चा करने की तत्परता जताई है।
मुर्तजा ने यह भी तर्क दिया कि IWT में कोई 'एग्जिट क्लॉज' नहीं है, और भारत का यह कदम कानूनी रूप से सवालों के घेरे में आता है।


🇮🇳 भारत का स्पष्ट संदेश: "आतंक और संधि साथ-साथ नहीं चल सकते"

भारत सरकार के अधिकारियों ने इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान हालात में भारत की नीति में बदलाव की कोई संभावना नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद और वार्ता से इनकार ही वह कारण हैं जिनके चलते भारत ने संधि को स्थगित करने का निर्णय लिया।

“परिस्थितियों में मौलिक बदलाव हुए हैं। आतंकवाद के समर्थन से संधि का उद्देश्य ही कमजोर हो गया है,” – भारतीय अधिकारी


📨 बातचीत की अपील में छिपी सख्ती

मुर्तजा के पत्र में जहां बातचीत की इच्छा जताई गई, वहीं लहजा आक्रामक रहा। पाकिस्तान ने भारत के फैसले को “एकतरफा और अवैध” करार दिया। हालांकि, कूटनीतिक जानकारों के अनुसार, पाकिस्तान के इस कदम को “रुख में नरमी” के रूप में देखा जा सकता है।


💧 सिंधु जल संधि की पृष्ठभूमि

  • संधि पर हस्ताक्षर: 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच

  • मध्यस्थता: विश्व बैंक द्वारा

  • उद्देश्य: सिंधु, झेलम, चेनाब, ब्यास, रावी और सतलुज नदियों के जल बंटवारे का प्रबंधन

  • भारत को अधिकार: पूर्वी नदियों (ब्यास, रावी, सतलुज)

  • पाकिस्तान को अधिकार: पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चेनाब)


🧾 पिछला घटनाक्रम

  • जनवरी 2023 और सितंबर 2024 में भारत ने पाकिस्तान को नोटिस जारी कर संधि की शर्तों की समीक्षा की बात कही थी।

  • बगलिहार और सलाल हाइड्रो प्रोजेक्ट्स में भारत द्वारा फ्लशिंग ऑपरेशन भी हालिया विवाद का विषय बने हैं।

  • 24 अप्रैल 2025 को, सचिव देबाश्री मुखर्जी ने मुर्तजा को पत्र लिखकर पाकिस्तान के रवैये को संधि का उल्लंघन बताया था।


📌 प्रमुख बिंदु:

  • 🗓️ 22 अप्रैल: पहलगाम में आतंकी हमला, जिसमें 26 नागरिकों की मौत

  • 🚫 भारत ने IWT स्थगित की

  • 📩 पाकिस्तान ने पुनर्विचार का आग्रह किया

  • 🇮🇳 भारत अपने रुख पर कायम, बातचीत की संभावना नहीं

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन