16th August 2026

BREAKING NEWS

90 की क्षमता वाली नाव में सवार थे 153 लोग, पलटने से 72 की मौत

वनडे वर्ल्ड कप 2027 को लेकर ICC की बड़ी तैयारी, गांधी जयंती पर हो सकता है टूर्नामेंट का आगाज

संडे को घूमने का है प्लान तो संभलकर निकलें, कई जिलों में बारिश का अलर्ट

सेहत पर पड़ सकता है असर

अब Computer पर आपकी हर एक्टिविटी रखेगा याद, जानें Computer History फीचर की पूरी जानकारी

Advertisment

बिस्किट, चिप्स और इंस्टेंट फूड खाने से पहले जान लें ये जरूरी बात : सेहत पर पड़ सकता है असर

Media Yodha Desk Sun, Aug 16, 2026

हममें से ज्यादातर लोगों के लिए आज के समय में भूख लगने पर घर के खाने के बजाय चिप्स, बिस्किट, इंस्टेंट नूडल्स या कोई पैकेज्ड स्नैक खरीदना आसान लगता है. ये चीजें स्वादिष्ट होती हैं, जल्दी मिल जाती हैं और लंबे समय तक रखी भी जा सकती हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इनमें से कौन सा खाना सिर्फ प्रोसेस्ड है और कौन सा अल्ट्रा प्रोसेस्ड? हर पैकेट वाला खाना अल्ट्रा प्रोसेस्ड नहीं होता. असली फर्क उसे बनाने के तरीके और उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री से पड़ता है. ज्यादा मात्रा में अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड खाना सेहत के लिए चिंता की वजह बन सकता है. आइए जानते हैं कि क्या होता है अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड और पैकेट देखकर इसकी पहचान कैसे करें.

अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड क्या होता है?

खाने को प्रोसेस करना अपने आप में गलत नहीं है. दूध से दही बनाना या अनाज पीसकर आटा बनाना भी प्रोसेसिंग है. लेकिन जब किसी फूड को बड़े पैमाने पर तैयार करते समय उसमें स्वाद, रंग, खुशबू या बनावट बदलने के लिए कई अन्य चीजें मिलाई जाती हैं और वह अपने मूल रूप से काफी अलग हो जाता है, तो वह अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड की श्रेणी में आ सकता है. चिप्स, कुछ पैकेज्ड बिस्किट, मीठे ड्रिंक, कैंडी, कई इंस्टेंट नूडल्स और इंस्टेंट सूप, पैकेज्ड केक-पेस्ट्री और कुछ रेडी टू ईट फूड इसके उदाहरण हैं.

ज्यादा खाने से क्यों बचें?

कई अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड में चीनी, नमक और फैट की मात्रा ज्यादा हो सकती है, जबकि फाइबर और दूसरे पोषक तत्व कम हो सकते हैं. इनके ज्यादा सेवन और मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और दिल से जुड़ी बीमारियों जैसी कई स्वास्थ्य समस्याओं के बीच संबंध अलग-अलग शोध में देखा गया है. इसका मतलब यह नहीं कि कभी-कभार चिप्स या बिस्किट खाने से तुरंत नुकसान होगा. दिक्कत तब ज्यादा है जब ऐसे खाद्य पदार्थ रोज की डाइट का बड़ा हिस्सा बन जाएं.

पैकेट खरीदते समय क्या देखें?

सबसे पहले पैकेट के पीछे दी गई इंग्रीडिएंट लिस्ट देखें. अगर सूची बहुत लंबी है और उसमें कई ऐसी चीजों के नाम हैं, जिनका इस्तेमाल आम घर की किचन में नहीं होता, तो यह ज्यादा प्रोसेस्ड प्रोडक्ट होने का संकेत हो सकता है. साथ ही चीनी, नमक और फैट की मात्रा भी देखें. सिर्फ ‘हेल्दी' या ‘लो फैट' जैसे दावों को देखकर फैसला न करें. और पैकेट पर प्रिजर्वेटिव का नाम देखकर भी तुरंत घबराने की जरूरत नहीं है. तय मानकों के तहत इस्तेमाल किए गए प्रिजर्वेटिव को सिर्फ नाम देखकर नुकसानदेह नहीं कहा जा सकता. हर पैकेज्ड फूड अल्ट्रा प्रोसेस्ड नहीं होता. सुरक्षित तरीके से तैयार किया गया पैकेज्ड फूड कभी-कभार खाया जा सकता है. लेकिन रोज की डाइट में ताजा और घर का बना खाना ज्यादा बेहतर ऑप्शन है. यानी पैकेज्ड फूड से पूरी तरह दूरी बनाने के बजाय सही चीज चुनें और इसे रोज की आदत न बनने दें.

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन