20th August 2026

BREAKING NEWS

रैम्बो स्कूल में विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव की दी जानकारी

खुदाई के दौरान धंसी सोने की खदान, 30 मजदूरों की मौके पर मौत; कई अब भी फंसे

बिलासपुर रेंज में साइबर अपराध पर IG राम गोपाल गर्ग सख्त, फर्जी SIM बेचने वाले POS एजेंटों पर FIR के निर्देश

छत्तीसगढ़ में रक्षाबंधन पर बैंक-कोषालय रहेंगे बंद, 28 अगस्त की छुट्टी में बड़ा बदलाव

बल्लेबाज के खतरनाक शॉट से अंपायर धर्मेश भारद्वाज घायल, ICU में कराया गया भर्ती

Advertisment

Digital Arrest का जाल : राजधानी में RTO एजेंट से मुंबई ATS बनकर ठगों ने ठगे 17.15 लाख रुपये

Media Yodha Desk Wed, Feb 18, 2026

रायपुर : राजधानी रायपुर में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देकर बड़ी ठगी को अंजाम दिया है. आरोपियों ने खुद को मुंबई एटीएस का अधिकारी बताकर टिकरापारा निवासी एक RTO एजेंट और उसके पूरे परिवार को 24 घंटे तक वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट में रखा और 17 लाख 15 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

जानकारी के अनुसार, RTO एजेंट शरद कुमार तिवारी को अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई एटीएस का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार और बैंक खाते का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराध में हुआ है. गिरफ्तारी से बचने और जांच में सहयोग करने के नाम पर उन्हें वीडियो कॉल पर रहने के निर्देश दिए गए.

आरोपियों ने पीड़ित को डराते हुए कहा कि यदि उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया जाएगा. इसके बाद उन्हें और उनके परिवार को 24 घंटे तक डिजिटल निगरानी में रखा गया. इस दौरान बैंक खातों की जानकारी लेकर अलग-अलग किस्तों में कुल 17 लाख 15 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए गए.

परिवार को भी रखा दबाव में

साइबर ठगों ने परिवार के सदस्यों को भी वीडियो कॉल पर शामिल कर मानसिक दबाव बनाया. किसी को फोन न करने और घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी गई. लगातार निगरानी और धमकी के चलते परिवार पूरी तरह सहम गया और आरोपियों के निर्देशों का पालन करता रहा.

शिकायत के बाद मामला दर्ज

जब ठगी का अहसास हुआ तो शरद कुमार तिवारी ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है. बैंक खातों और कॉल डिटेल के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है.

 

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन