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छत्तीसगढ़ के SC-ST-OBC छात्रों को बड़ी राहत : हॉस्टल नहीं मिला तो हर महीने मिलेगी आर्थिक मदद; जानें पूरी डिटेल

Media Yodha Desk Wed, Aug 26, 2026

रायपुर : छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार जल्द ही एक नई योजना शुरू करने जा रही है। ‘मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना’ के तहत सरकारी हॉस्टल में सीट नहीं मिलने वाले पात्र विद्यार्थियों को किराये और रहने के खर्च में मदद के लिए हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी। कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया फिलहाल 31 अगस्त तक चल रही है। ऐसे में सरकार की यह योजना उन विद्यार्थियों के लिए खास तौर पर राहत देने वाली हो सकती है, जिन्हें कॉलेज में प्रवेश तो मिल जाता है, लेकिन हॉस्टल में जगह नहीं मिल पाती। सरकार के इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत विद्यार्थियों को उनके कॉलेज के शहर के आधार पर अलग-अलग राशि दी जाएगी। सहायता राशि साल में 10 महीनों के लिए दी जाएगी और इसे तीन किस्तों में सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजने का प्रावधान है। इस सहायता का उद्देश्य हॉस्टल में सीट नहीं मिलने वाले विद्यार्थियों के लिए किराये और रहने से जुड़े खर्च का आर्थिक बोझ कम करना है।

मासिक सहायता की प्रस्तावित राशि:

  • रायपुर: ₹3,000

  • संभागीय मुख्यालय: ₹2,500

  • जिला और विकासखंड मुख्यालय: ₹2,000

स्नातक से पीजी तक मिलेगा योजना का लाभ

‘मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना’ का लाभ विद्यार्थी अपनी पढ़ाई की अवधि के दौरान ले सकेंगे। स्नातक स्तर पर अधिकतम चार वर्ष और स्नातकोत्तर स्तर पर दो वर्ष, यानी कुल छह वर्ष तक योजना का लाभ लिया जा सकेगा। प्रदेश के 343 सरकारी कॉलेजों में करीब 2.88 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें लगभग 2.59 लाख विद्यार्थी SC, ST और OBC वर्ग से आते हैं। ऐसे में योजना का दायरा काफी बड़ा माना जा रहा है।

हॉस्टल में सीट नहीं मिलने वालों को मिलेगी राहत

सरकारी हॉस्टलों में सीटें सीमित होने के कारण हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को कॉलेज वाले शहरों में निजी कमरे या किराये के मकान में रहना पड़ता है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए किराया, भोजन और अन्य खर्च पढ़ाई के साथ अतिरिक्त आर्थिक दबाव बन जाता है। नई योजना के जरिए सरकार ऐसे पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक सहयोग देकर उनकी पढ़ाई जारी रखने में मदद करना चाहती है। इससे खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

कौन विद्यार्थी ले सकेंगे योजना का लाभ ?

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ प्रमुख पात्रता शर्तें तय की गई हैं।

आय सीमा: विद्यार्थी के परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए।

मेरिट जरूरी: स्नातक में प्रवेश के लिए 12वीं में प्रथम श्रेणी और स्नातकोत्तर में प्रवेश के लिए स्नातक में कम से कम 55 प्रतिशत अंक होना जरूरी होगा।

हॉस्टल में रहने वाले पात्र नहीं: जो विद्यार्थी सरकारी, अनुदान प्राप्त या किसी अन्य संस्था द्वारा संचालित हॉस्टल में रह रहे हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

छात्रों के लिए क्यों अहम है यह योजना

सरकार की इस पहल का सीधा फायदा उन विद्यार्थियों को मिल सकता है जो आर्थिक कारणों से कॉलेज वाले शहर में रहने का खर्च उठाने में परेशानी महसूस करते हैं। हॉस्टल में सीट नहीं मिलने की स्थिति में उन्हें पढ़ाई छोड़ने या घर से दूर रहने के अतिरिक्त खर्च की चिंता कम हो सकती है। हालांकि योजना के अंतिम नियम, आवेदन प्रक्रिया और भुगतान की विस्तृत व्यवस्था सरकार की ओर से जारी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार ‘मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना’ उच्च शिक्षा हासिल कर रहे पात्र SC, ST और OBC विद्यार्थियों के लिए आर्थिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है।

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