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पूर्व कुलपति की विदाई पर बवाल : छात्रों ने गंगाजल से किया कैंपस का “शुद्धिकरण”, लगाए गंभीर आरोप

Media Yodha Desk Fri, Apr 17, 2026

बिलासपुर - अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में पूर्व कुलपति प्रो. अरुण दिवाकर नाथ वाजपेई को गत दिवस विदाई दी गई। इसके बाद छात्रों का अनोखा विरोध देखने को मिला। एक दिन पहले विश्वविद्यालय प्रशासन के सभी लोगों द्वारा पूर्व कुलपति के लिए विदाई समारोह किया गया, वहीं दूसरी ओर यूटीडी के छात्र-छात्राओं ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन करते हुए पूरे कैंपस में गंगाजल छिड़ककर प्रतीकात्मक रूप से शुद्धिकरण किया।

इस दौरान छात्र नेता नीरज यादव, लक्ष्य साहू के नेतृत्व में कई विभागों के छात्रगण विरोध में शामिल हुए। छात्रों ने आरोप लगाया कि पूर्व कुलपति के कार्यकाल में विश्वविद्यालय में कई स्तरों पर भ्रष्टाचार और अनियमितताएं हुई हैं उनका कहना है कि शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी, जेम पोर्टल के माध्यम से की गई खरीदी में कथित भ्रष्टाचार, संसाधनों के दुरुपयोग के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण कार्यों में अनियमितताओं ने विश्वविद्यालय की साख को गहरा प्रभावित किया है। जिसमें पूर्व कुलसचिव दुबे को निलंबित भी किया जा चुका है।

छात्र नेता सूरज सिंह राजपूत ने कहा कि पूर्व कुलपति के कार्यकाल में विश्वविद्यालय का माहौल पूरी तरह से दूषित हो गया था। कुलपति करोड़ों रु खर्च कर भी NAAC का मूल्यांकन नहीं करा पाए, न ही कोई नया विभाग यूटीडी में आ पाया। केवल छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया। पहली बार गैर-मानवीय रूप से छात्रों के ऊपर FIR दर्ज कराई गई, जो कि कुलपति वाजपेई के काले कार्यकाल को दर्शाता है। इसी के विरोध में हमने गंगाजल छिड़ककर प्रतीकात्मक रूप से शुद्धिकरण किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रदर्शन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से कुलपति सचिवालय, सभागार, यूटीडी के विभागों समेत विभिन्न स्थानों का शुद्धिकरण कर अपनी नाराजगी जाहिर की और विश्वविद्यालय प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए मंत्रोच्चार भी किया। जिसकी पूरे दिन विश्वविद्यालय में चर्चा होती रही इस घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि छात्रों के बीच लंबे समय से असंतोष बना हुआ था, जो विदाई समारोह के समय खुलकर सामने आ गया। इधर, विश्वविद्यालय में नए कुलपति के रूप में प्रो. ललित प्रकाश पटेरिया की नियुक्ति के बाद छात्रों में नई आशा जगी है।

छात्रों का कहना है कि वे नए कुलपति से पारदर्शी प्रशासन, निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद रखते हैं। साथ ही, नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को लेकर भी सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई जा रही है। कुल मिलाकर, पूर्व कुलपति वाजपेई की विदाई के बीच छात्रों का यह दुर्लभ विरोध विश्वविद्यालय में व्याप्त असंतोष और बदलाव की मांग को उजागर करता है।

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